January 2026 ki Chhuttiya उत्तर प्रदेश में सर्दी अपने चरम पर, 5 जनवरी से 14 जनवरी तक सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित
उत्तर प्रदेश में इस समय सर्दी ने अपना सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार चल रही शीतलहर, सुबह और रात का घना कोहरा और तेजी से गिरता तापमान आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है और ठंडी हवाओं के कारण बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। January 2026 ki Chhuttiya
इन परिस्थितियों का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। ठंड और कोहरे में रोजाना स्कूल जाना बच्चों की सेहत और सुरक्षा दोनों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग ने UP School Winter Vacation 2026 को लेकर एक अहम फैसला लिया है। January 2026 ki Chhuttiya
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया फैसला
सरकार का साफ कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ठंड और कोहरे के कारण स्कूल जाते समय सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अत्यधिक ठंड से बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका भी बनी रहती है। January 2026 ki Chhuttiya
इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला केवल छुट्टियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा उद्देश्य है। January 2026 ki Chhuttiya
UP School Winter Vacation का असली महत्व
हम और आप अक्सर शीतकालीन अवकाश को सिर्फ आराम के दिनों के रूप में देखते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इसे इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण मानता है। विभाग का मानना है कि जब मौसम सामान्य नहीं होता, तो बच्चों का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा ठंड से बचने में लगा रहता है। January 2026 ki Chhuttiya
ऐसे में कुछ दिनों का अवकाश बच्चों को दोबारा ऊर्जा, एकाग्रता और बेहतर स्वास्थ्य के साथ पढ़ाई में लौटने का मौका देता है। यही वजह है कि UP School Winter Vacation को शिक्षा की निरंतरता से जोड़कर देखा जा रहा है। January 2026 ki Chhuttiya
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ठंड का असर
दिसंबर के अंतिम सप्ताह से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो जाता है।
इन हालातों में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता के लिए बड़ी चिंता बन गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और रिपोर्ट्स के बाद सरकार ने शीतकालीन अवकाश बढ़ाने का फैसला लिया।
मौसम विभाग की चेतावनियों के बाद बढ़ाई गई छुट्टियां
मौसम विभाग की ओर से लगातार शीतलहर और अत्यधिक ठंड को लेकर चेतावनियां जारी की जा रही थीं। जिला प्रशासन से मिली रिपोर्टों में भी यही सामने आया कि आने वाले दिनों में मौसम जल्दी सुधरने की संभावना कम है।
इन सभी जानकारियों को आधार बनाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया, ताकि बच्चों को मौसम सामान्य होने तक स्कूल आने-जाने की परेशानी न झेलनी पड़े। January 2026 ki Chhuttiya
शीतकालीन अवकाश की अवधि और दायरा
बेसिक शिक्षा परिषद के अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। पहले यह अवकाश 1 जनवरी तक तय किया गया था, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया।
इस फैसले के बाद छात्रों और शिक्षकों को कुल 15 दिनों का शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इस अवधि में मकर संक्रांति जैसे महत्वपूर्ण पर्व भी शामिल हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए अवकाश को उपयुक्त माना गया है। January 2026 ki Chhuttiya
कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए अलग-अलग निर्देश
कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों के लिए पूरे प्रदेश में एक जैसा आदेश लागू नहीं किया गया है। जिला प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने जिले की मौसम स्थिति के अनुसार निर्णय लें।
कुछ जिलों में उच्च कक्षाओं के स्कूलों का समय बदला गया है, ताकि बच्चे ठंड के सबसे ज्यादा असर वाले समय में बाहर न निकलें। वहीं जहां हालात ज्यादा खराब हैं, वहां इन कक्षाओं के लिए भी अवकाश घोषित किया गया है।
शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के लिए जरूरी निर्देश
शीतकालीन अवकाश से पहले शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी शिक्षकों को कहा गया है कि वे 30 दिसंबर 2025 तक अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरे कर लें। January 2026 ki Chhuttiya
इसमें छात्रों की उपस्थिति, मूल्यांकन, रिकॉर्ड अपडेट और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। साथ ही स्कूल परिसरों में बिजली, पानी, फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य संसाधनों की जांच कर उन्हें सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। January 2026 ki Chhuttiya
स्कूल परिसरों की सुरक्षा पर विशेष जोर
चूंकि अवकाश के दौरान स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे, इसलिए स्कूल भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि छुट्टियों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या नुकसान न हो।
स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी। January 2026 ki Chhuttiya
अभिभावकों के लिए बड़ी राहत
इस फैसले से अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है। ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों को सुबह जल्दी उठाकर स्कूल भेजना कई परिवारों के लिए बेहद मुश्किल हो गया था।
लंबे शीतकालीन अवकाश के कारण अब बच्चे सुरक्षित माहौल में रह सकेंगे। माता-पिता बच्चों की सेहत पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे और उन्हें ठंड से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां बरत सकेंगे। January 2026 ki Chhuttiya
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर
लगातार ठंड और खराब मौसम का असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जल्दी उठना, ठंड में बाहर निकलना और स्कूल तक पहुंचना बच्चों के लिए तनावपूर्ण हो सकता है।
अवकाश के दौरान बच्चे आराम कर पाएंगे, अपनी दिनचर्या को संतुलित कर सकेंगे और मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करेंगे। इससे स्कूल खुलने के बाद उनकी पढ़ाई में भी सुधार देखने को मिल सकता है। January 2026 ki Chhuttiya
स्कूल दोबारा कब खुलेंगे
मकर संक्रांति के बाद, यानी 15 जनवरी 2026 से सभी परिषदीय विद्यालय अपने निर्धारित समय पर फिर से खुलेंगे। स्कूल खुलने के साथ ही नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी और पढ़ाई को दोबारा गति दी जाएगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि तब तक मौसम में कुछ हद तक सुधार देखने को मिल सकता है।
आगे भी बदल सकते हैं निर्देश
सरकार और शिक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर मौसम की स्थिति और ज्यादा खराब होती है, तो जिला प्रशासन अतिरिक्त निर्देश जारी कर सकता है। ठंड और शीतलहर की स्थिति को देखते हुए भविष्य में फैसलों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में घोषित शीतकालीन अवकाश का उद्देश्य सिर्फ छुट्टी देना नहीं है, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के बीच यह फैसला सरकार की सतर्कता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
हम और आप सभी के लिए यह जरूरी है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। January 2026 ki Chhuttiya
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्कूलों से जुड़े आदेश जिले, मौसम और प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदल सकते हैं। अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग या स्कूल प्रबंधन की सूचना को ही मान्य समझें।